E20 पेट्रोल को लेकर फैलीं 10 बड़ी अफवाहों पर केंद्र सरकार का जवाब! इंजन डैमेज से लेकर पानी की खपत तक जानिए पूरा सच

E20 पेट्रोल

E20 पेट्रोल को लेकर फैलीं 10 बड़ी अफवाहों पर केंद्र सरकार का जवाब! इंजन डैमेज से लेकर पानी की खपत तक जानिए पूरा सच

नई दिल्ली: E20 पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने E20 ईंधन से जुड़े 10 प्रमुख मिथकों को खारिज करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम वैज्ञानिक परीक्षणों और विशेषज्ञों की सलाह के बाद लागू किया गया है। सरकार के अनुसार, इंजन खराब होने, अत्यधिक पानी की खपत, वारंटी समाप्त होने और सुरक्षा से जुड़े कई दावे भ्रामक हैं।

E20 पेट्रोल को लेकर सरकार ने क्या कहा?

सरकार ने स्पष्ट किया कि E20 पेट्रोल का व्यापक तकनीकी परीक्षण किया जा चुका है। यह ईंधन उन वाहनों के लिए सुरक्षित है जो E20 के अनुकूल (Compatible) हैं। मंत्रालय ने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें।

कौन-कौन से 10 मिथकों का किया गया खंडन?

केंद्र सरकार ने जिन प्रमुख दावों को गलत बताया, उनमें शामिल हैं:

  • E20 से इंजन खराब हो जाता है।
  • इससे बहुत अधिक पानी की खपत होती है।
  • वाहन की वारंटी खत्म हो जाती है।
  • इंश्योरेंस क्लेम नहीं मिलता।
  • माइलेज में भारी गिरावट आती है।
  • इंजन के पार्ट्स खराब हो जाते हैं।
  • E20 एक “अनटेस्टेड एक्सपेरिमेंट” है।
  • ईंधन में आसानी से पानी मिल जाता है।
  • E20 से आग लगने का खतरा बढ़ जाता है।
  • इसमें मौजूद एथेनॉल के कारण कीड़े-मकौड़े आकर्षित होते हैं।

ARAI की जांच में क्या सामने आया?

सरकार ने बताया कि ARAI और अन्य संस्थानों द्वारा किए गए परीक्षणों में E20 ईंधन से इंजन की कार्यक्षमता या सुरक्षा पर कोई बड़ा नकारात्मक प्रभाव नहीं पाया गया। हालांकि, पुराने और E20 के लिए डिज़ाइन न किए गए कुछ वाहनों में मामूली बदलाव या अतिरिक्त रखरखाव की आवश्यकता हो सकती है।

सरकार ने पानी की खपत पर क्या कहा?

मंत्रालय ने उस दावे को भी गलत बताया कि एक लीटर एथेनॉल बनाने में 10,000 लीटर पानी खर्च होता है। सरकार के अनुसार, आधुनिक डिस्टिलरी तकनीक और जल पुनर्चक्रण (Water Recycling) प्रणाली के कारण वास्तविक पानी की खपत इससे काफी कम होती है।

निष्कर्ष

केंद्र सरकार ने कहा है कि E20 पेट्रोल को लेकर फैलाई जा रही कई बातें तथ्यहीन हैं। सरकार ने वाहन मालिकों को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और अपने वाहन निर्माता की सलाह के अनुसार ही E20 ईंधन का उपयोग करें।

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